नयी दिल्ली: भारत के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए अडानी पावर लिमिटेड ने जीवीके एनर्जी (GVK Energy) के पूर्ण अधिग्रहण की दिशा में एक बड़ी नियामक सफलता हासिल की है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने मंगलवार, 12 मई 2026 को अडानी पावर द्वारा जीवीके एनर्जी की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह अधिग्रहण 'कॉर्पोरेट दिवाला शोधन प्रक्रिया' (CIRP) के तहत किया जा रहा है, जिससे दिवालियापन झेल रही जीवीके एनर्जी को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।
पोर्टफोलियो का विस्तार और श्रीनगर जल विद्युत परियोजना
अडानी पावर, जो वर्तमान में देश की सबसे बड़ी निजी ताप ऊर्जा (Thermal Power) उत्पादक कंपनी है, इस सौदे के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपने पदचिह्न बढ़ाएगी।
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प्रमुख संपत्ति: जीवीके एनर्जी अपनी सहायक कंपनी एएचपीएल (AHPL) के माध्यम से उत्तराखंड के श्रीनगर में 330 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना का संचालन करती है। इस अधिग्रहण के बाद, अडानी पावर की पहुंच अब थर्मल और सौर के साथ-साथ हाइड्रो पावर सेक्टर में भी मजबूत हो जाएगी।
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मौजूदा क्षमता: अडानी समूह पहले से ही गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और तमिलनाडु सहित आठ राज्यों में थर्मल प्लांट और गुजरात में 40 मेगावाट का सौर प्लांट संचालित कर रहा है।
सीसीआई के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
उसी दिन प्रतिस्पर्धा आयोग ने बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए कुछ अन्य विलय और अधिग्रहणों को भी स्वीकृति दी:
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उपभोक्ता सामान क्षेत्र: आयोग ने किम्बर्ली क्लार्क कॉर्पोरेशन द्वारा केन्वू इंक (Kenvue Inc.) के अधिग्रहण को मंजूरी दी। यह सौदा भारत के बेबी केयर, महिला स्वच्छता और स्किन केयर बाजार में बड़ी हलचल पैदा करेगा।
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इंजीनियरिंग सेक्टर: त्रिवेनी अर्थ मूवर्स द्वारा लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स में 7.14% हिस्सेदारी खरीदने और तीन अन्य संस्थाओं के इसमें विलय के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी पावर द्वारा जीवीके एनर्जी का अधिग्रहण न केवल फंसे हुए ऋण (Stressed Assets) के समाधान में मदद करेगा, बल्कि यह भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है।